खामोशी में लिपटा इश्क
रमा जहाँ भी जाती, उसे लगता कोई उसके आस-पास है। शुरू-शुरू में तो वह डर जाती थी, मगर धीरे-धीरे वह अभ्यस्त हो गई। उसे लगता तो था कि कोई आस-पास है, मगर उसने आज तक उसे देखा नहीं था।बस किसी के होने का एहसास होता था। कई बार उसे यह खुद का वहम लगता, या […]








