बारिश की पहली फुहार – बचपन की यादों का झरना

आज फिर जब बारिश की बूंदें मुझ पर पड़ीं, तन के साथ मन भी भिगो गईं। मन न माना, कुछ भरे पानी में पैरों से छपाक कर मुस्कुराई। कहीं उन सड़कों पर बचपन दौड़ चला, बचपन की हर बात एक-एक कर याद आई। हमारा वो पुराना घर, जहाँ बचपन बीता, वहीं कहीं आज भी भागता-दौड़ता, […]

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