खामोशी में लिपटा इश्क: प्यार जो कहा नहीं, बस महसूस किया जाता है
बड़े-बड़े ज्ञानी, जानकार, प्रेमी कह गए, समझा गए —“इश्क और मुस्क छिपाए नहीं छुपता।”ना भी हो तो ज़माना कहीं न कहीं चिंगारी से आग बना ही लेता है। अपने हाथ सेक कर, रोटी सेक, मूंछों पर ताव दे कह देता है — “देखा, कितनी पैनी नज़र है। लिफाफ़ा देख मजमून भांप लेते हैं, उड़ती चिड़िया […]
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